Wednesday, October 5, 2022
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PM नरेंद्र मोदी का काशी दौरा:

PM नरेंद्र मोदी

PM नरेंद्र मोदी का काशी दौरा:

PM नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को काशी की जनता को संबोधित किया। 17 अप्रैल को उन्होंने बंगाल चुनाव के प्रचार के लिए आसनसोल और गंगारामपुर में फिजिकली रैलियां की थीं। इसके बाद 22 और 23 अप्रैल को भी मोदी का संबोधन होना था, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से इन कार्यक्रमों को वर्चुअल करना पड़ा था।

काशी का श्रृंगार बिना रुद्राक्ष के कैसे पूरा नहीं हो सकता : प्रधानमंत्री मोदी ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का उद्धाटन किया। उन्होंने कहा कि “काशी तो साक्षात् शिव ही है। अब जब पिछले 7 सालों में इतनी सारी विकास परियोजनाओं से काशी का श्रृंगार हो रहा है, तो ये श्रृंगार बिना रुद्राक्ष के कैसे पूरा हो सकता था? अब जब ये रुद्राक्ष काशी ने धारण कर लिया है, तो काशी का विकास और ज्यादा चमकेगा और ज्यादा काशी की शोभा बढ़ेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि महादेव के आशीर्वाद से आने वाले दिनों में ये सेंटर काशी की नई पहचान देगा और काशी के विकास को नई गति देगा।

” मोदी ने कहा कि” आज के कार्यक्रम में एक और नाम लेना मैं भूल नहीं सकता हूं। जापान के ही मेरे मित्र शिंजो आबे जी। रुद्राक्ष के आइडिया पर उनसे मेरी लंबी चर्चा हुई है। उन्होंने तुरंत ही अपने अधिकारियों से इस आइडिया पर काम करने को कहा। उनका कल्चर है परफेक्शन और प्लानिंग। इसके साथ इस पर काम शुरू हुआ और आज ये भव्य इमारत काशी की शोभा बढ़ा रही है।

” मोदी ने कन्वेंशन सेंटर को लेकर कहा कि इसमें भारत-जापान के रिश्तों का कनेक्शन और भविष्य के लिए अनेकों संभावनाओं का स्कोप भी है। जापान यात्रा के दौरान हमने पीपुल टू पीपुल रिलेशन की बात की थी। ऐसे ही सांस्कृतिक संबंधों की रूपरेखा खींची थी। आज विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। काशी के रुद्राक्ष की तरह ही कुछ हफ्ते पहले गुजरात में भी जापानी जेन गार्डन का लोकार्पण हुआ था। जेन गार्डन दोनों देशों के आपसी संबंध की सुगंध फैला रहा है। जापान हमारे सबसे विश्वसनीय दोस्तों में से एक है।

1500 करोड़ की विकास योजनाएं : इससे पहले इधर काशी के BHU में प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अपने भाषण में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ की, तो विपक्ष पर निशाना भी साधा।मोदी ने भारत माता की जय और हर-हर महादेव बोलते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने काशी के लोगों से भोजपुरी में बात करते हुए कहा, ‘लंबे समय बाद आप सब लोगन से सीधी मुलाकात का अवसर मिलल हो। काशी के सभी लोगन के प्रणाम। हम समस्त लोग के दुख हरे वाले भोलेनाथ, माता अन्नपूर्णा के चरण में भी शीश झुकावत अही। पीएम मोदी ने अपने भाषण में 6 बार सीएम योगी आदित्यनाथ के कामकाज की तारीफ की।

प्रधानमंत्री के भाषण के मुख्य बिंदु :

1. योगी सरकार की तारीफ, पिछली सरकारों पर वार प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बीते कुछ महीने पूरी मानव जाति के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। कोरोना के बदलते हुए और खतरनाक रूप ने पूरी ताकत के साथ हमला किया, लेकिन काशी सहित UP ने पूरे सामर्थ्य के साथ इतने बड़े संकट का मुकाबला किया।

2. वाराणसी में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ने का जिक्र मोदी ने कहा, ‘साफ सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ा जो इन्फ्रास्ट्रक्चर यहां तैयार हो रहा है, वो कोरोना से लड़ाई में मददगार होगा। आज UP में गांव के स्वास्थ्य केंद्र हों, मेडिकल कालेज हो, एम्स हो हर कहीं काफी सुधार हो रहा है। 4 साल पहले यहां दर्जन भर मेडिकल कॉलेज थे, वो अब 4 गुना हो गए हैं। कई सारे और बन रहे हैं। साढ़े पांच सौ ऑक्सीजन प्लांट बनाने का काम तेजी से चल रहा है।

3. गंगा का जिक्र, हर घर जल पर फोकस प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी की मां गंगा की स्वच्छता और शुद्धता हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सड़क, सीवेज, पार्क और घाटों के सुंदरीकरण पर काम हो रहा है। पंचकोसी मार्ग का चौड़ीकरण होने से सभी को सुविधा होगी। गोदौलिया में मल्टीलेवल पार्किंग बनने से काशी के लोगों को लाभ मिलेगा। लहरतारा से चौकाघाट फ्लाइओवर के नीचे भी पार्किंग से लेकर अन्य सुविधाओं का काम जल्द पूरा हो जाएगा। बनारस को शुद्ध जल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। हर घर जल पर तेजी से काम हो रहा है।

4. गंगा आरती का प्रसारण पूरे शहर में दिखेगा प्रधानमंत्री ने कहा कि 700 से ज्यादा जगहों पर एडवांस कैमरा लगाने का काम जारी है। शहर में जगह-जगह बड़ी-बड़ी LED स्क्रीन और घाटों पर लग रहे इंफॉर्मेशन बॉक्स पर्यटकों की मदद करेंगे। काशी के इतिहास को आकर्षक बनाने वाली सुविधाएं श्रद्धालुओं के काम आ रही हैं। इससे काशी विश्वनाथ की आरती का प्रसारण पूरे शहर में संभव हो पाएगा। गंगा की सेवा में जुटे नाविक साथियों को भी बेहतर सुविधा दी जा रही है। डीजल नावों को CNG में बदला जा रहा है।

5. साहित्यकारों, कलाकारों को भी साधा मोदी ने कहा कि काशी से विश्वस्तरीय साहित्यकार, संगीतकार और अन्य कलाकारों ने दुनिया में धूम मचाई है। इसके लिए एक आधुनिक मंच आज दिया जा रहा है। यहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकेंगे। ऐसे में काशी के विज्ञान के केंद्र के रूप में विकास जरूरी है। योगी सरकार आने के बाद जो प्रयास हो रहे थे, उनमें और तेजी आई है। आज भी मॉडल स्कूल, पॉलिटेक्निक और ITI जैसी सुविधाएं काशी को मिली हैं। ऐसे संस्थान आत्मनिर्भर भारत को और मजबूत करेंगे। इसमें काशी की भूमिका को मजबूत करेंगे।

6. किसानों को भी नहीं भूले मोदी ने अपने भाषण में किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमारी खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि आधारित कारोबार से ही भारत आत्मनिर्भर बनेगा। हाल ही में इसके लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। देश में आधुनिक कृषि के लिए एक लाख करोड़ के विशेष फंड का लाभ मंडियों को भी मिलेगा। इससे मंडी आधुनिक बनेंगी।

8 महीने पहले गंगा में की थी मोदी ने नाव की सैर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले 30 नवंबर को वाराणसी आए थे। उन्होंने इस दौरान सिक्स लेन परियोजना का लोकार्पण करने के अलावा गंगा में नाव की सैर की थी। मोदी ने देव दीपावली की भव्यता और सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो देखा था। इसके बाद प्रधानमंत्री काशीवासियों से ऑनलाइन मुखातिब होते रहे, लेकिन खुद वाराणसी नहीं आ सके।

21 IPS की लीडरशिप में 10 हजार जवान मुस्तैद: SPG की सुरक्षा में रहने वाले प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा घेरे में NSG, ATS के कमांडो और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों की टीम तैनात हैं। इसके अलावा बाहरी सुरक्षा घेरे में सबसे पहले सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं। इसके बाद 21 IPS के नेतृत्व में 10 हजार से अधिक पुलिस-PAC के जवान हैं। प्रधानमंत्री की आवाजाही के रूट पर रूफ टॉप फोर्स तैनात की गई है। प्रधानमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थल नो फ्लाइंग जोन बनाए गए हैं।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के लिए जापान ने 186 करोड़ की मदद दी थी रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के लिए जापान ने 186 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी थी।

साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान इसकी नींव रखी थी। यह सेंटर शिवलिंग के आकार में बना है। तीन एकड़ में बने इस सेंटर के बाहर 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगे हैं, जो एल्युमीनियम के हैं।

22 करोड़ से बनारस से चुनार तक रो-रो वैसल्स का संचालन: पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रो-रो (रोल ऑन रोल ऑफ पैसेंजर शिफ्ट) वैसल्स सेवा शुरू होगी। रो-रो सर्विस को प्रयागराज तक ले जाने की तैयारी है। फिलहाल दो रो-रो चलेंगे। इनमें से एक का नाम स्वामी विवेकानंद और दूसरे का नाम सैम मानेक शॉ है। एक रो-रो खिड़किया घाट से रामनगर तक जाएगा और दूसरा खिड़किया घाट से चुनार तक जाएगा।

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