Friday, February 23, 2024
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FD कराने से इन 6 बातों का रखें ध्यान

FD

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट ,सुरक्षित और एक तय रिटर्न का एक अच्छा साधन माना जाता है। FD कराते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सही अवधि चुनना जरूरी : FD में निवेश करने से पहले उसके टेन्योर (अवधि) को लेकर सोच-विचार करना जरूरी है। अगर निवेशक मेच्योरिटी से पहले विड्रॉल करते हैं, तो उन्हें जुर्माने का भुगतान करना होगा। FD मेच्योर होने से पहले उसे ब्रेक करने पर 1% तक की पेनल्टी देनी पड़ेगी। इससे डिपॉजिट पर कमाए जाने वाला कुल ब्याज कम हो सकता है।

छोटे -छोटे हिस्सों में कराए FD : यदि आप किसी एक बैंक में FD में 10 लाख रुपए का निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इसकी जगह एक से ज्यादा बैंकों में 1 लाख रुपए की 8 FD और 50 हजार रुपए की 4 FD में निवेश करें। पैसों की जरूरत पड़ने पर आप अपनी जरूरत के हिसाब से FD को बीच में ही तुड़वाकर पैसों की व्यवस्था कर सकते हैं। आपकी बाकी FD सेफ रहेंगी।

FD पर मिलने वाले ब्याज पर ही देना होता है टैक्स : आपकी FD से मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स लगता है। अगर FD पर कमाया गया ब्याज एक वित्तीय वर्ष में 10 हजार रुपए से ऊपर होता है, तो उस ब्याज पर TDS डिडक्शन होता है। यह कुल कमाए गए ब्याज का 10% होगा। सीनियर सिटीजंस के लिए ये लिमिट 50 हजार है। हालांकि अगर आपकी आय टैक्सेबल रेंज से कम है, तो आप FD पर TDS डिडक्शन नहीं होने देने के लिए बैंक को फॉर्म 15G और फॉर्म 15H सब्मिट कर सकते हैं।

ब्याज का विड्रॉल : बैंकों में पहले तिमाही और सालाना आधार पर ब्याज का विड्रॉल करने का ऑप्शन था। अब कुछ बैंकों में मासिक विड्रॉल भी कर सकते हैं। आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसे चुन सकते हैं।

समय से पहले FD तुड़वाने पर लगती है पेनल्टी : समय से पहले FD तुड़वाते हैं तो आपको उस दर से जिस पर आपने FD की है, वह ब्याज नहीं मिलता है। जैसे मान लीजिए कि आपने 1 लाख रुपए की FD 1 साल के लिए 6% की दर से की, लेकिन आप उसे 6 महीने बाद ही तोड़ देते हैं और 6 महीने की FD पर 5% सालाना की दर से ब्याज मिल रहा है, तो ऐसे में बैंक आपके पैसों पर 5% की दर से ब्याज देगा, न कि 6% की दर से।

FD पर लोन-सुविधा : आप अपनी FD पर लोन भी ले सकते हैं। इसके तहत FD की वैल्यू का 90% तक आप लोन ले सकते हैं। मान लीजिए आपकी FD की कीमत 1.5 लाख रुपए है तो आपको 1 लाख 35 हजार रुपए लोन मिल सकता है। अगर आप FD पर लोन लेते हैं तो आपको FD पर मिलने वाले ब्याज से 1-2% ज्यादा ब्याज देना होगा। जैसे मान लीजिए की आपकी FD पर 4% ब्याज मिल रहा है तो आपको 5 से 6% ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।

SBI के नियम के अनुसार अगर कोई व्यक्ति 5 लाख रुपए तक की FD कराता है, तो उसे FD मेच्योर होने से पहले उसे ब्रेक करने पर 0.50% पेनल्टी देनी पड़ेगी। इसी तरह 5 लाख से ज्यादा और एक करोड़ से कम की FD पर 1% पेनल्टी समय से पहले ब्रेक करने पर देनी होगी। अवधि के हिसाब से ब्याज सुनिश्चित करने के बाद उसमें से FD की रकम के हिसाब से 0.50 या 1% ब्याज की कटौती करके आपको आपका पैसा दिया जाता है। ज्यादातर बैंक 1% तक ही पेनल्टी वसूलते हैं।

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