Sunday, February 25, 2024
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रूस /यूक्रेन विवाद : आखिर क्या है मामला

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ये ऐलान कर दिया है कि रूस, स्वघोषित गणराज्य डोनेत्स्क और लुगंस्क को अलग देश के रूप में मान्यता देगा।
रूस के राष्ट्रपति ने डोनेत्स्क पीपुल्स रिपब्लिक और लुगंस्क पीपुल्स रिपब्लिक की मान्यता से संबंधित कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। रूसी राष्ट्रपति ने डीपीआर के प्रमुख डेनिस पुशिलिन और एलपीआर के प्रमुख लियोनिद पासचनिक के साथ संधि पर भी हस्ताक्षर किए हैं। रूस और डीपीआर, एलपीआर के बीच ये संधि मैत्री, सहयोग और पारस्परिक सहायता को लेकर है।
DPR और LPR के साथ संधि पर भी किए हस्ताक्षर :
जिन लोगों ने हिंसा, रक्तपात, अराजकता के रास्ते पर चलना शुरू किया, उन्होंने डॉनबास के मसले को नहीं पहचाना। डोनेत्स्क पीपुल्स रिपब्लिक और पीपुल्स रिपब्लिक लुगंस्ककी स्वतंत्रता और संप्रभुता को पहचानें। रूसी संघ की संघीय विधानसभा से इस निर्णय का समर्थन करने के लिए कहेंगे और फिर इन गणराज्यों के साथ दोस्ती और पारस्परिक सहायता के लिए दो संधियां करेंगे जिससे संबंधित दस्तावेज जल्द ही तैयार किए जाएंगे। अब यूक्रेन के इस इलाके में रूसी सैनिकों के प्रवेश करने की आशंकाएं जताई जाने लगी हैं।
पुतिन ने कहा कि नाटो में यूक्रेन का शामिल होना रूस की सुरक्षा के लिए खतरा है। हाल की घटनाएं यूक्रेन में नाटो के सैनिकों की तेजी से तैनाती के लिए कवर की तरह रही हैं। उन्होंने दावा किया यूक्रेन में नाटो ट्रेनिंग सेंटर नाटो के सैन्य ठिकाने के बराबर है। यूक्रेन का संविधान विदेशी सैन्य बेस की इजाजत नहीं देता।   यूक्रेन की योजना परमाणु हथियार बनाने की है।

आधुनिक यूक्रेन का निर्माण :
आधुनिक यूक्रेन का निर्माण 1917 की क्रांति के तुरंत बाद रूस ने किया था।सोवियत यूक्रेन का उदय बोल्शेविक की नीति के कारण हुआ, जिसे आज भी ‘व्लादिमीर इलिच लेनिन का यूक्रेन’ कहा जाता है। वह इसके वास्तुकार हैं जिसकी पुष्टि दस्तावेज भी करते हैं। अब यूक्रेन में लेनिन के स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया। इसे वे डीकम्युनाइजेशन कहते हैं।

अमेरिकी उपनिवेश :
व्लादिमीर पुतिन के अनुसार अगर यूक्रेन को सामूहिक विनाश के हथियार मिल जाते हैं तो वैश्विक स्थिति में बड़ा बदलाव होगा। यूक्रेन पश्चिमी हथियारों से भर गया है। नाटो के प्रशिक्षक यूक्रेन में सैन्य अभ्यास के दौरान लगातार मौजूद थे। उन्होंने अमेरिका और नाटो पर यूक्रेन को युद्ध के रंगमंच में बदलने का आरोप लगाया और कहा कि यूक्रेन, एक कठपुतली शासन वाला अमेरिकी उपनिवेश है।
यूक्रेन, स्थिरता प्राप्त नहीं कर सकता। इसीलिए उसे अमेरिका जैसी विदेशी ताकतों पर निर्भर रहना पड़ा। यूक्रेन के अधिकारी राष्ट्रवाद और भ्रष्टाचार के वायरस से ग्रस्त हो गए हैं। विदेशी ताकतें हर स्तर के अधिकारियों को प्रभावित कर रही हैं। यूक्रेन में अमेरिकी दूतावास एंटी करप्शन वाहनों को कंट्रोल करता है।

गैस चोरी, ब्लैकमेल करने का आरोप :
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर रूसी गैस की चोरी करने का और ऊर्जा का उपयोग कर ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया। यूक्रेन के व्यवहार को लेकर उन्होंने कहा कि वहां के नेता बिना किसी दायित्व के रूस से सभी अच्छी चीजें चाहते हैं। पूर्वी यूक्रेन में नए नाजियों का उदय हो रहा है।
जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार :
व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वे हमें प्रतिबंधों की धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। इनका केवल एक ही लक्ष्य है- रूस के विकास को रोकना और वे ऐसा करेंगे। हम अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय हितों और हमारे मूल्यों से कभी समझौता नहीं करेंगे।

वर्तमान स्थिति में फंडामेंटल मसलों पर समान वार्ता के हमारे प्रस्ताव का संयुक्त राज्य अमेरिका और नाटो की ओर से जवाब नहीं मिला। जब हमारे देश के लिए खतरे का स्तर काफी बढ़ रहा है, रूस को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि हम ठीक यही करेंगे।

यूक्रेन , इतिहास का अंग भी रहा :
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस के लिए यूक्रेन महज एक पड़ोसी देश नहीं, इतिहास का अंग भी रहा है।

जेलेंस्की ने की फ्रांस के राष्ट्रपति और जर्मन चांसलर से बात:
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से भी बात की है। जर्मन चांसलर ने यूक्रेन के विद्रोहियों को रूसी मान्यता को शांति समझौते का एकतरफा उल्लंघन बताया है।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने दी चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र संघ ने एकतरफा कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी है जो यूक्रेन की संप्रभुता को कमजोर कर सकती है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डिफेंस काउंसिल की बैठक भी बुलाई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी इस मसले को लेकर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है.

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